Tuesday, 13 September 2011

Ankaleshwar Tirth

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, अंकलेश्वर - गुजरात


गुजरात प्रान्त के सूरत और बडोदा के बीच अंकलेश्वर नमक रेलवे स्टेशन हैं. वहां से अंकलेश्वर ग्राम करीब १ किलोमीटर दुरी पर हैं. यहाँ भोयरे से भगवान पार्श्वनाथ की अतिशय्युक्त मूर्ति प्राप्त हुए हैं जो चिंतामणि पार्श्वनाथ के नाम से विख्यात हैं. यह आम धरना हैं एस मूर्ति के दर्शन से चिंताए दूर हो जाती हैं. यहाँ जैन और जैनेतर बंधू भरी संख्या में मनोती मानते हैं. पारगामी आचार्य धरसेन ने अंग श्रुत का विच्छेद हो जाने की आशंका से उस ज्ञान को सुपात्र विद्वानों को देना चाहा. पुष्पदंत और भुत्बली ने उनसे ज्ञान प्राप्त किया. तत्पश्चात एन दो साधुओ ने पहला चातुर्मास अंकलेश्वर में. किया वाही पर इन दोनों मुनियो ने शर्त के प्रचार की योजना बनायीं. एस प्रकार अंकलेश्वर पुष्पदंत और भुत्बली की चरण राज से पवित्र भूमि हैं

Tuesday, 6 September 2011

Mandoli Photos


























Saturday, 3 September 2011

Adinda Tirth


श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र अडिंदा, उदयपुर, राजस्थान

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र अडिंदा, उदयपुर, राजस्थान, यह क्षेत्र राजस्थान प्रान्त के उदयपुर जिले से ४२ किलोमीटर दुरी पर अडिंदा नमक ग्राम में स्थित हैं. इस क्षेत्र पर लगभग २००० वर्ष प्राचीन भगवान पार्श्वनाथ की अतिशय्युक्त प्रतिमा विराजमान हैं. यह प्रतिमा दक्षिणमुखी हैं. प्रतिमा पर लिखी प्रशस्ति के अनुसार यह प्रतिमा संवत ११०० की प्रतिष्ठित हैं. मुनिश्री कुन्थु सागर जी की प्रेरणा से इस क्षेत्र का निरंतर विकास हो रहा हैं. पदम् सरोवर में फुव्वारो के बीच कमल पर २१ फ़ुट उत्तुंग भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजमान की गयी हैं

Friday, 26 August 2011

Aahu Dhar Tirth

श्री संकटमोचन भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र आहू, धर मध्य प्रदेश
श्री संकटमोचन भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र आहू, धर मध्य प्रदेश, मध्य प्रदेश के धर जिला के अर्न्तगत राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक ५९ इंदौर - अहमदाबाद मार्ग पर प्रसिद्द रजा भोज की प्राचीन एतिहासिक नगरी धर से १२ किलोमीटर पश्चिम में स्थित इं. इस प्राचीन अतिशय क्षेत्र पर संकट मोचन आहू पार्श्वनाथ आहू पार्श्वनाथ भगवान की ५०० वर्ष पुराणी प्रतिमा विराजमान हैं. पुरातात्त्विक वैभव एवं शिल्प कला का अदभूत सम्मिश्रण यहाँ के मंदिर में देखने को मिलता हैं.

Tuesday, 23 August 2011

Kevlya Dham From Raipur

Monday, 22 August 2011

Jain video



Thursday, 18 August 2011

The names of present 24 Tirthankaras are

1. Bhagwan Rishabha
2. Bhagwan Ajita 
3 Bhagwan Sabva 
4.Bhagwan Abinandana
5. Bhagwan Sumathi
6. Bhagwan Padmaprabha
7. Bhagwan Suparsva
8.Bhagwan Chandraprabha
9. Bhagwan Pushpadanta
10. Bhagwan Sitala 
11 Bhagwan Sreyansa
12. Bhagwan Vasupujya
13. Bhagwan Vimala   
14. Bhagwan Ananta
15. Bhagwan Dharma
16. Bhagwan Santhi  
17. Bhagwan Kunthu
18. Bhagwan Ara 
19 Bgagwan Malli
20. Bhagwan Munusuvratha
21. Bhagwan Nami
22. Bhagwan Nemi
23. Bhagwan Parswa
24.Bhagwan Vardhamna

Mr.Piyush Singhvi. Powered by Blogger.
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